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गुरु गोचर 2019: बृहस्पति का धनु में राशि परिवर्तन

गुरु गोचर 2019 गुरु गोचर 2019 आपके जीवन में परिवर्तन लेकर आएगा। ये परिवर्तन आपकी राशि के अनुसार दोनों तरह (सकारात्मक और नकारात्मक) के हो सकते हैं, लेकिन इसे जानने से पहले हमें गुरु यानि बृहस्पति ग्रह की प्रकृति को समझना होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बृहस्पति एक शुभ ग्रह है। इन्हें देवताओं का गुरू कहा गया है। ये वृद्धि, ज्ञान, प्रचुरता एवं उदार भाव के कारक माने जाते हैं। वहीं राशियों में धनु और मीन राशि पर इनका आधिपत्य है। कुंडली में बृहस्पति ग्रह बलवान हो तो जातक के ज्ञान में वृद्धि होती साथ ही इसके प्रभाव से व्यक्ति का वैवाहिक जीवन सुखी रहता है। यह धन संपत्ति और संसाधनों में वृद्धि करता है।

बृहस्पति ग्रह 30 मार्च 2019 को रात्रि 3 बजकर 11 मिनट पर धनु राशि में प्रवेश करेगा। लेकिन 22 अप्रैल 2019 को यह शाम 5:55 बजे वक्री चाल चलते हुए वापस वृश्चिक राशि में लौट आएगा। उसके बाद 5 नवंबर 2019 को सुबह 6 बजकर 42 मिनट पर पुनः धनु राशि में प्रवेश करेगा। गुरु के राशि परिवर्तन का प्रभाव सभी 12 राशियों में पड़ेगा। इस राशिफल के माध्यम से जानते हैं बृहस्पति गोचर का आपके जीवन होने वाला प्रभाव :-

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यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। जानें चंद्र राशि कैल्कुलेटर से अपनी चंद्र राशि

मेष

गुरु गोचर 2019 का मेष राशि के जातकों के जीवन पर सकारात्मक असर देखने को मिलेगा। बृहस्पति ग्रह आपकी राशि से नवम भाव में गोचर करेगा। कुंडली में नवम भाव से व्यक्ति के भाग्य, पिता, गुरु, राजयोग एवं धर्म का बोध होता है। इस समय आप अपने पारिवारिक जीवन से आप संतुष्ट दिखेंगे। वहीं आर्थिक क्षेत्र में सफलता मिलेगी और आय में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र क्षेत्र में उन्नति होगी। आपके आध्यात्मिक ज्ञान में वृद्धि होगी। किसी धार्मिक यात्रा पर जाने के भी योग बन रहे हैं। वहीं समाज आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। घर में किसी नए सदस्य का आगमन हो सकता है। पिताजी को सेहत का लाभ मिलेगा।

उपाय: भगवान शिव का रुद्राभिषेक करें।


बृषभ

2019 में होने वाला गुरु गोचर वृषभ राशि के जातकों के लिए शुभ संकेत नहीं दे रहा है। इस समय आपको सावधानी से काम लेना होगा। गोचर आपकी राशि से अष्टम भाव में होगा। कुंडली का आठवाँ घर व्यक्ति की आयु, रहस्य, दुर्घटना, मृत्यु एवं गुप्त या आकस्मिक रूप से मिलने वाले धन के बारे में बताता है। राशिफल के अनुसार इस गोचर का प्रतिकूल असर आपके कार्य/व्यवसाय पर पड़ेगा। इस समय अपने प्रोफेशन को लेकर आप थोड़े उदास दिखाई देंगे। सेहत को लेकर भी आपको सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। आपको अपच की समस्या हो सकती है। आर्थिक मामलों में बरती गई किसी भी प्रकार की लापरवाही आपको आर्थिक हानि पहुँचा सकती है। गोचर के दौरान आप अाध्यात्मिक ज्ञान को प्राप्त करने में रुचि ले सकते हैं।

उपाय: गुरुवार के दिन शुद्ध घी का दान करें।

मिथुन

धुन राशि में होने गुरु का गोचर मिथुन राशि के जातकों के लिए शुभ संकेत दे रहा है। बृहस्पति आपकी राशि से सातवें घर में प्रवेश करेगा। कुंडली का सातवाँ घर व्यक्ति के वैवाहिक जीवन, जीवनसाथी और कार्य व व्यवसाय में होने पार्टनर का बोध कराता है। इस समय आपको आर्थिक रूप से सफलता मिलेगी और यदि आप किसी बिजनेस से जुड़े हैं तो उसमें भी अच्छा खासा मुनाफा होगा। आपको अपने प्रियतम अथवा जीवनसाथी के साथ कीमती समय बिताने का मधुर अवसर प्राप्त होगा। आपके वैवाहिक जीवन में ख़ुशियाँ आएंगी। दूसरों के साथ भी आपके अच्छे रिश्ते स्थापित होंगे। कुल मिलाकर देखा जाए तो गुरु गोचर आपके लिए बहुत बढ़िया रहने वाला है।

उपाय: घर में कपूर का दीया जलाएँ।

कर्क

देवगुरु बृहस्पति आपकी राशि से षष्टम भाव में गोचर करेंगे। कुंडली का छटा भाव शत्रु, बाधा, रोग, पीड़ा और बुरे कर्मों का बोध कराता है। कर्क राशि के जातकों के लिए यह गोचर समस्या कारक हो सकता है। इस दौरान आपको सफलता पाने के लिए संघर्ष करना होगा। इस समय आपके शत्रु आपको नुकसान पहुँचाने की साज़िश रच सकते हैं। यदि आप बैंक से लोन लेना चाहते हैं तो गोचर आपके लिए मददगार साबित होगा। अपनी समस्याओं के कारण आपको मानसिक तनाव से गुजरना पड़ सकता है। यदि आप एक छात्र के नाते किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो आपको इसमें सफलता पाने के लिए जमकर मेहनत करनी होगी। बेवजह किसी पर शक न करें। इससे आपके रिश्तों में खटास पैदा हो सकती है।

उपाय: गुरुवार के दिन केले के वृक्ष की पूजा करें।

सिंह

सिंह राशि के जातकों के लिए यह गोचर सकारात्मक रहेगा। इस समय आपको विभिन्न क्षेत्रों में अच्छे फल प्राप्त होंगे। गुरु आपकी राशि से पाँचवें भाव में जाएगा। यह भाव बुद्धिमता, लगाव, संतान, प्रसिद्धि एवं पद के विषय में बताता है। इस समय परिवार में किसी नए सदस्य का आगमन होगा। वहीं आर्थिक क्षेत्र में योजनाएं कारगर होंगी। आपकी चल व अचल संपत्ति में वृद्धि होगी। इस अवधि में अाध्यात्म के क्षेत्र में आप विशेष रुचि लेते हुए दिखाई देंगे। गोचर का आपके जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। अपने कार्यक्षेत्र में आप सफल होंगे। इसके साथ ही सामाजिक कल्याण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

उपाय: बृहस्पति बीज मंत्र का जाप करें: ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरवे नम:।


कन्या

बृहस्पति का गोचर कन्या राशि के जातकों को के लिए कष्टकारी रह सकता है। इस समय सोच समझकर कार्य करें। गुरु आपकी राशि चतुर्थ भाव में गोचर करेगा। कुंडली का चौथा भाव माता, चल व अचल संपत्ति, सुख, वाहन आदि का बोध कराता है। गोचर के दौरान परिवार में परिजनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो सकता है। भौतिक जीवन की बजाय आपका मन आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति के प्रति लगेगा। इसमें आपको आनंद आएगा। किसी व्यक्ति विशेष पर ज़रुरत से ज़्यादा विश्वास न करें। कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए मानसिक रूप से तैयार रहें।

उपाय: किसी ज़रुरतमंद या फिर ब्राह्मणों को चीनी दान करें और गाय को रोटी खिलाएँ।

तुला

बृहस्पति आपकी राशि से तृतीय भाव में गोचर करेगा। गोचर के दौरान आप आलसी स्वभाव के हो सकते हैं। राशिफल के अनुसार इस दौरान तुला राशि के जातकों को विभिन्न प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। सफलता की राह में बाधाएँ देखने को मिल सकती हैं। कहने का तात्पर्य यह है कि यह अवधि आपके लिए बहुत ही चुनौतीपूर्ण रह सकती है। काम के चलते आपके निवास स्थान में परिवर्तन होने की संभावना है। गोचर के दौरान आपको अाध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त होगा। इससे आपको मानसिक शांति का आभास होगा और मन में भी स्थिरता देखने को मिलेगी।

उपाय: हल्दी एवं चने की दाल का दान करें और गाय को रोटी खिलाएँ।

वृश्चिक

गुरु गोचर के दौरान आपके भाग्य का सितारा चमकेगा। गुरु आपकी राशि से द्वितीय भाव में गोचर करेगा। कुंडली का दूसरा भाव व्यक्ति की आर्थिक स्थिति, प्रारंभिक शिक्षा, वाणी, गायन, रंग रूप और नेत्र के बारे में पता चलता है। इस समय आर्थिक क्षेत्र में लाभ के प्रबल योग हैं। हर संभव आपको परिजनों का सहयोग प्राप्त होगा। घर पर कोई शुभ कार्य संपन्न हो सकता है। वैवाहिक जातकों के लिए गुरु का गोचर शुभ परिणामकारी रहेगा। वैवाहिक जीवन में ख़ुशियाँ आएंगी। आप अपने धन बल से अपने शत्रुओं को परास्त करेंगे।

उपाय: बृहस्पति बीज मंत्र का जाप करें: ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरवे नम:।


धनु

देवगुरु बृहस्पति आपकी राशि में गोचर करेगा जो आपके लग्न भाव में स्थित होगा। जन्म कुंडली का लग्न भाव व्यक्ति के स्वभाव, व्यक्तित्व एवं शारीरिक रचना का बोध करता है। इस समय आप पर गुरू की कृपा दृष्टि बरसेगी। जिस शख्स को आप चाहते हैं उसे आप अपने दिल की बात कहेंगे। छात्रों के लिए यह गोचर लाभकारी रहेगा। वहीं प्रेम जीवन और वैवाहिक जीवन में अनुकूलता आएगी। हालाँकि आर्थिक मामलों में आपको संभलकर कदम लेने होंगे अन्यथा धन हानि हो सकती है।

उपाय: पुखराज को सोने की अगूंठी में जड़वा कर उसे तर्जनी उंगली में पहनें।

मकर

गुरु गोचर 2019 के प्रभाव से आपको मिलेजुले परिणाम मिलेंगे। बृहस्पति ग्रह आपकी राशि से द्वादश भाव में गोचर करेगा। कुंडली में 12वाँ भाव व्यय और हानि को दर्शाता है। इस समय आपके लिए यात्रा के योग बनेंगे। विदेश यात्रा भी संभव है। वहीं आर्थिक क्षेत्र में आप निवेश कर सकते हैं। धर्म जुड़े कार्यों में धन व्यय हो सकता है। धर्म के कार्यों मे आपका मन लगेगा। वैवाहिक जीवन में ख़ुशहाली आएगी। जीवनसाथी आपकी भावनाओं की कद्र करेगा। उनसे रिश्ते भी मधुर होंगे।

उपाय: माथे पर केसर का तिलक लगाएं और अपनी जेब में पीले रंग का रुमाल रखें।

कुंभ

2019 में धनु राशि में होने वाला गुरु का गोचर कुंभ राशि के जातकों के लिए शुभ संकेत कर रहा है। गुरु आपकी राशि से एकादश भाव में गोचर करेगा। कुंडली का ग्यारहवाँ भाव आय और लाभ को दर्शाता है। इस दौरान आपको शुभ अवसर प्राप्त होंगे। आपको अपने प्रिय के साथ क़ीमती समय बिताने का अवसर मिलेगा। आप इस समय सुख-शांति से अपना जीवन व्यतीत करेंगे। कार्यक्षेत्र में आपको लाभ मिलेगा और करियर में तरक्की होगी। स्वास्थ्य जीवन भी अच्छा रहेगा। इस समय जीवनसाथी के साथ पर्याप्त समय बिताएँ और उनकी भावनाओं का ख्याल रखें।

उपाय: सुबह पीपल को बिना स्पर्श किए शुद्ध जल चढ़ाएँ।

मीन

गुरु का गोचर आपकी राशि से दसवें भाव में प्रवेश करेगा। कुंडली का दसवाँ भाव व्यक्ति के कर्म क्षेत्र के बारे बताता है। गोचर के समय आपको अपनी सेहत का ख्याल अवश्य रखें। क्योंकि गोचर का नकारात्मक असर आपके स्वास्थ्य जीवन पर पड़ सकता है। वहीं करियर को लेकर आप घर से दूर जा सकते हैं। माता जी को स्वास्थ्य लाभ मिलेगा। गोचर के दौरान आपको कार्यक्षेत्र में अच्छे परिणाम मिलेंगे और आपका आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। साथ ही पारिवारिक जीवन में ख़ुशियाँ आएंगी।

उपाय: गुरु यंत्र को स्थापित करें और उसकी आराधना करें।

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