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केतु गोचर 2019: केतु का धनु में राशि परिवर्तन

केतु गोचर 2018 केतु गोचर 2019 एक बड़ी ज्योतिषीय घटना है जिसका अच्छा और बुरा असर हम सबके जीवन पर पड़ेगा। वैदिक ज्योतिष में केतु को एक छाया ग्रह माना जाता है। छाया ग्रह इसलिए क्योंकि इसका कोई वास्तविक रूप या आकार नहीं है। ज्योतिष में इसे एक क्रूर ग्रह कहा गया है लेकिन कुंडली में यदि केतु ग्रह मजबूत होता है तो जातक को इसके शुभ फल मिलते हैं और कमज़ोर होने पर यह कई तरह की परेशानियों को जन्म देता है।

केतु ग्रह को वैराग्य, आध्यत्मिक ज्ञान, मोक्ष एवं तांत्रिक क्रियाओं का कारक माना जाता है। यह व्यक्ति को सांसारिक मोह माया से दूर ले जाता है और व्यक्ति के अंदर आध्यात्मिक ज्ञान के प्रति रूचि पैदा करता है। यदि केतु कुंडली में दुर्बल स्थिति में अथवा पीड़ित हो तो यह फेफड़ों से संबंधित बीमारी, अपच एवं मानसिक अस्थिरता जैसी समस्याओं को लेकर आता है। केतु ग्रह 7 मार्च 2019 की रात्रि में 2:48 बजे धनु राशि में गोचर प्रवेश करेगा और 23 सितंबर 2020 को सुबह 5:28 बजे धनु राशि से वृश्चिक राशि में जाएगा। केतु के इस गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों में इस प्रकार पड़ेगा :-

मेष

केतु गोचर 2019 मेष राशि वाले लोगों के लिए अनुकूल नहीं दिख रहा है। केतु का गोचर आपकी राशि से नवम भाव में होगा। कुंडली में नवम भाव से व्यक्ति के धर्म, दर्शन, भाग्य, पिता एवं गुरु के बारे में जाना जाता है। राशिफल के अनुसार गोचर के दौरान आपको विभिन्न क्षेत्रों में संघर्ष का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान आपको बिजनेस या अन्य किसी चीज़ में आर्थिक नुकसान हो सकता है। इसलिए आपको आर्थिक फैसले लेने से पहले उस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। पैसों के मामलों में दूसरों पर आसानी से भरोसा न करें। केतु ग्रह के प्रभाव से आपके विचारों में रूढ़िवादी सोच पैदा होगी। धर्म के प्रति आपका नज़रिया दो तरफ़ा झुकता हुआ नज़र आएगा। वहीं आपका पारिवारिक जीवन भी गोचर से प्रभावित होगा। पिताजी के साथ आपके मतभेद हो सकते हैं या उनकी सेहत में गिरावट आ सकती है। लिहाज़ा आपको इस ओर ध्यान देना होगा।

उपाय: काले तिल दान करें।

वृषभ

साल 2019 में होने वाला केतु का धनु राशि में परिवर्तन वृषभ राशि के जातकों के लिए ज्यादा अच्छा नहीं रहेगा। गोचर आपकी राशि से आठवें भाव में होगा। कुंडली का आठवाँ भाव खतरे, दर्घटना और आयु के बारे में बताता है। इस समय आपको अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना होगा। गोचर के दौरान आपको चोट आदि लग सकती है। मानसिक तनाव के भी रहने की संभावना है। वहीं धर्म कर्म के कार्यों में आपका मन लगेगा। आय में कमी हो सकती है। इससे आपका आर्थिक पक्ष भी प्रभावित होगा। आपके प्रति दूसरे लोगों का भी व्यवहार कुछ अच्छा नहीं रहेगा। दोस्तों से किसी बात को लेकर कहासुनी हो सकती है। इस समय आपको अपने गुस्से पर नियंत्रण रखना होगा।

उपाय: तिल का तेल दान करें।

मिथुन

केतु गोचर 2019 का विपरीत प्रभाव आपके जीवन पर पड़ने वाला है। केतु आपकी राशि से सातवें भाव में प्रवेश करेगा। जन्म कुंडली में सातवें भाव से व्यक्ति वैवाहिक जीवन, जीवनसाथी एवं पार्टनर के बारे में जाना जाता है। लिहाज़ा केतु गोचर आपके वैवाहिक जीवन और लाइफ पार्टनर अथवा बिजनेस पार्टनर को प्रभावित करेगा। इस समय भाग्य आपका साथ देगा। हालाँकि दांपत्य जीवन आपको समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। जीवनसाथी से मनमुटाव भी हो सकता है। इससे बचने के लिए आपको जीवनसाथी के प्रति समर्पित होना पड़ेगा। इस समय आपको उनकी भावनाओं का सम्मान करना होगा। वहीं परिवार में पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद हो सकता है। यदि आप व्यापार क्षेत्र से जुड़े हैं तो व्यापार में घाटा हो सकता है। बिजनेस पार्टनर से विवाद हो सकता है।

उपाय: गणेश की स्तुति करें और उन्हें दुर्वा (घास) घास चढाएं।

कर्क

केतु का धनु राशि में होने वाला गोचर कर्क राशि के जातकों के लिए कठिन परिस्थितियाँ पैदा कर सकता है। केतु का गोचर आपकी राशि से कुंडली के छटे भाव में होगा। जन्म कुंडली का छटा भाव शत्रु, रोग और ऋण आदि से संबंध रखता है। राशिफल के अनुसार गोचर के दैरान आपको कार्यक्षेत्र में विभिन्न प्रकार की बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। यह आपके करियर और प्रोफेशन के लिए कठिन समय होगा। वहीं सेहत की दृष्टि से भी केतु ग्रह का गोचर आपके लिए अनुकूल नहीं है। इस दौरान आपकी सेहत में गिरावट नज़र आ सकती है। ऐसे में आपको अपने खान पान पर विशेष ध्यान देना होगा। होटल अथवा ढ़ाबा के भोजन से परहेज करें और रोज़ाना सुबह शारीरिक व्यायाम करें। आर्थिक क्षेत्र में आपको प्रबंधन करना करना होगा। आय और व्यय के बीच तालमेल बनाकर चलें। इससे आपका बजट नहीं बिगड़ेगा।

उपाय: हनुमान जी की आराधना करें।

सिंह

केतु गोचर 2019 सिंह राशि के जातकों के लिए अच्छे संकेत नहीं दे रहा है। इस दौरान आपको मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है। केतु का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में होगा। पंचम भाव संतान, बुद्धि, प्रसिद्धि आदि चीज़ों का बोध होता है। गोचर के दौरान आपको भाग्य का साथ नहीं मिलेगा। इसलिए मेहनत पर ही आपको भरोसा करना होगा। आर्थिक जीवन में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। धन की हानि भी संभव है। इसलिए धन के मामले बहुत सावधानी से काम लें। बिजनेस में आपको सावधानी से कदम लेने होंगे। वहीं प्रेम जीवन में प्रियतम से वैचारिक मतभेद पैदा हो सकता है। लेकिन इसके बावजूद भी आपको उनके साथ प्रेमपूर्ण बर्ताव करना होगा। बौद्धिक रूप से भी आपको चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। उधर इस समय आपकी सेहत पर भी विपरीत असर देखने को मिलेगा। संतान की सेहत बिगड़ सकती है। यदि आप छात्र हैं तो आपकी अध्ययन में व्यवधान उत्पन्न हो सकता है।

उपाय: भैरव देव के मंदिर में काला ध्वज चढ़ाएं।

कन्या

कन्या राशि के जातकों को केतु गोचर 2019 के दौरान सावधान रहने की आवश्यकता होगी। केतु आपकी राशि से चौथे भाव में गोचर करेगा। कुंडली में चौथा भाव सुख-संसाधन, माता, अचल संपत्ति एवं घर की स्थिति के बारे में बताता है। इस समय आपको आर्थिक चुनौतियों से दो चार होना पड़ सकता है। करियर क्षेत्र में ग्रोथ की स्थिति में रुकावट देखने को मिल सकती है। व्यापार में उतना लाभ नहीं मिलेगा जितना आप चाहते हैं। पारिवारिक जीवन में क्लेश पैदा हो सकता है। परिजनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद बढ़ सकता है। वहीं माता जी की सेहत बिगड़ सकती है। इसलिए उनकी सेहत का ज़रुरी ख़्याल रखें। कार्यक्षेत्र में व्यस्त रहने के कारण आप परिवार को पर्याप्त समय नहीं दे पाएंगे। वहीं आय के मुकाबले ख़र्च में खासी वृद्धि हो सकती है।

उपाय: नीले पुष्प दान करें।

तुला

केतु गोचर आपकी राशि से तीसरे भाव में गोचर करेगा। कुंडली का तीसरा भाव पराक्रम, शौर्य, छोटे भाई-बहन, मित्र आदि का बोध कराता है। राशिफल के अनुसार गोचर का अनुकूल प्रभाव आपके जीवन पर पड़ेगा। कार्य क्षेत्र में आपको प्रमोशन मिल सकता है अथवा अच्छा अवसर मिलते ही आप जॉब चेंज कर सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपको जूनियर्स का समर्थन प्राप्त होगा। इस समय आपके व्यक्तित्व का विकास भी होगा। आपकी कम्यूनिकेशन स्किल और भी बेहतर होगी। छोटी दूरी की यात्रा आपके लिए ज्यादा फलदायी रहेगी। इसलिए यदि बहुत ज़रुरी न हो तो लंबी दूरी की यात्रा न करें। गोचर के दौरान आपके साहस में वृद्धि होगी।

उपाय: केतु बीज मंत्र का जाप करें “ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः”

वृश्चिक

केतु गोचर 2019 वृश्चिक राशि के जातकों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। केतु आपकी राशि से दूसरे भाव में गोचर करेगा। कुंडली में दूसरा भाव व्यक्ति की आर्थिक स्थिति, प्रारंभिक शिक्षा, वाणी एवं नेत्र आदि के बारे में बताता है। आर्थिक क्षेत्र में समस्या आ सकती है। इस समय आपके भाग्य का सितारा भी कमज़ोर रहने वाला है। करियर एवं व्यवसाय में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। कई ऐसी परिस्थितियाँ आएंगी जिनमें आप अपना आपा खो सकते हैं। परंतु आपको किसी भी विवाद में नहीं उलझना है। पारिवारिक जीवन के लिए भी समय प्रतिकूल रहेगा। कार्य के चलते आपको परिवार से दूर जाना पड़ सकता है। वहीं ख़र्चों में भी अप्रत्याशित रूप से वृद्धि देखने को मिल सकती है। किसी से धन उधार न लें। धन के मामलों में आपको सावधान रहना पड़ेगा। साथ ही साथ आपको अपनी सेहत का भी ध्यान देना होगा।

उपाय: नीले पुष्प दान करें।

धनु

केतु गोचर 2019 आपकी राशि में होगा और यह आपके प्रथम भाव में प्रवेश करेगा। कुंडली का प्रथम व्यक्ति के स्वभाव, प्रकृति, मान-सम्मान, शारीरिक संरचना एवं स्वास्थ्य आदि का बोध कराता है। राशिफल के अनुसार केतु का गोचर आपके ऊपर मिश्रित प्रभाव डालेगा। हालाँकि फिर भी आपको इस दौरान सचेत रहने की सलाह दी जाती है। खासकर सेहत को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। आध्यात्म के प्रति आपकी रुचि बढ़ेगी। वहीं पारिवारिक जीवन में चुनौतियाँ कम नहीं होंगी। केतु का बुरा असर आपकी फैमिलि पर भी पड़ सकता है। वैवाहिक जीवन में परिवर्तन आएगा। इस समय जीवनसाथी से दूरी बढ़ सकती है।

उपाय: महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।

मकर

मकर राशि के जातकों के लिए केतु गोचर समस्या कारक हो सकता है। इस दौरान केतु आपकी राशि से 12वें भाव में गोचर करेगा। कुंडली में बारहवाँ भाव व्यय और हानि को दर्शाता है। इस समय आपको चुनौतियों का का सामाना करना पड़ सकता है। आर्थिक क्षेत्र में नुकसान होने के संकेत मिल रहे हैं। आर्थिक क्षेत्र में कुशल प्रबंधन आपको आर्थिक संकट से बचा सकता है। अपने फिजूल के ख़र्चों पर लगाम लगाएँ। साथ ही अपनी सेहत पर भी विशेष ध्यान दें। माता-पिता एवं संतान की सेहत का भी ख़्याल रखें। गोचर के दौरान आपको विदेश यात्रा करने का अवसर मिलेगा। नए कार्य को शुरु करने के लिए यह काल शुभ नहीं होगा। कार्यक्षेत्र में भी आपको ग्रोथ के लिए संघर्ष करना पड़ेगा। ख़ुद को अनैतिक और ग़ैर कानूनी कार्य से बचाएँ।

उपाय: विविध रंगों के कंबल दान करें।

कुंभ

केतु गोचर कुंभ राशि के जातकों के लिए अनुकूल रहने वाला है। इस दौरान आपको अच्छे परिणाम मिलेंगे। केतु आपकी राशि से ग्यारहवें भाव में प्रवेश करेगा। कुंडली में 11वां भाव आय और लाभ का भाव होता है। यहाँ पर केतु की स्थिति आपके लिए मंगलकारी रहेगी। इस समय आपका सामाजिक दायरा भी बढ़ेगा। आपकी आय में वृद्धि तथा आपको अन्य स्रोतों से भी लाभ प्राप्त होगा। वहीं जीवन के विभिन्न पहलुओं पर आपको आशानुरूप परिणाम मिलेंगे। इन परिणामों से आपके ख़ुशियों में भी वृद्धि होगी। करियर जीवन में सफलता मिलेगी। इस समय आपका प्रमोशन होगा। वहीं सैलरी में वृद्धि होगी। यदि आप व्यापार से सबंध रखते हैं तो उसमें भी आपको मुनाफा होगा। वहीं यदि आप विद्यार्थी हैं तो आपको अध्ययन के क्षेत्र में सफलता पाने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।

उपाय: लहसुनिया रत्न धारण करें।

मीन

केतु साल 2019 में धनु राशि में प्रवेश करेगा। मीन राशि के जातक भी इस गोचर से प्रभावित होंगे। क्योंकि यह आपकी राशि से कुंडली के दसवें भाव में संचरण करेगा। जन्म कुंडली में स्थित दसवाँ भाव कर्म का भाव कहलाता है। इस भाव से व्यक्ति के कार्य एवं व्यवसाय का बोध होता है। मीन राशि के जातकों के यह गोचर समस्या कारक हो सकता है। अपने कार्यक्षेत्र में आपको निराशाजनक परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। आपके ऊपर कार्य का बोझ भी रहेगा। इस कारण आप अपने परिवार को कम समय दे पाएंगे। ऐसी स्थिति में आपको अपने कार्य और निजी जीवन के बीच तालमेल बनाकर चलना होगा। वहीं आपको घर पर माता जी की सेहत का विशेष ख्याल रखना होगा।

उपाय: तिल का तेल दान करें।

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