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Vrishabha Masik Rashifal in Hindi - Vrishabha Horoscope in Hindi - वृष मासिक राशिफल

Taurus Rashifal

स्वास्थ्य: स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से महीना थोड़ा परेशान करने वाला हो सकता है। महीने की शुरुआत में राशि स्वामी के छठे भाव में होने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं आ सकती हैं। इम्युनिटी की कमी रहेगी। परंतु 2 अक्टूबर को ही शुक्र राशि परिवर्तन करके सप्तम भाव में चले जाएंगे और वहां से लग्न को दृष्टि दे रहे होंगे। इससे संतुलन बना रहेगा। महीने का उत्तरार्ध कुछ परेशान करने वाला हो सकता है, क्योंकि सूर्य और मंगल का गोचरवश छठे भाव में प्रवेश होगा। सूर्य 17 अक्टूबर को और मंगल 22 अक्टूबर को आपके रोग भाव यानी छठे भाव में आ जाएंगे। हालांकि इनके यहां होने से रोग-प्रतिरोधी क्षमता भी सुधरती है, लेकिन साथ ही रोग भी बढ़ते हैं। पेट से जुड़ी समस्याएं सबसे ज्यादा परेशान कर सकती हैं। यदि आप पेट के मरीज हैं, तो फिर आपको खान-पान को लेकर बहुत सावधान रहने की जरूरत है, अन्यथा अस्पताल का चक्कर लग सकता है। फोड़े-फुंसी, ज्वर आदि की भी समस्या हो सकती है, किंतु परेशान होने वाली कोई खास बात नहीं होगी।

कैरियर: कामकाज और करियर के दृष्टिकोण से अक्टूबर का महीना आपके लिए मिले-जुले परिणाम देने वाला रहेगा। दशम भाव के स्वामी शनि नवम भाव में हैं और वहां उनके साथ हैं अष्टम भाव के स्वामी वृहस्पति। अष्टमेश और दशमेश की युति नवम में हो रही है। यह स्थिति बहुत अच्छी नहीं कही जाएगी। इसके साथ ही वृहस्पति, शनि को शत्रु भी मानते हैं। हालांकि शनि, वृहस्पति के साथ समभाव रखते हैं। इसलिए भी यह युति अपेक्षित परिणाम देने वाली नहीं कही जाएगी। इससे आपके करियर में उतार-चढ़ाव की संभावना रहेगी। ट्रांसफर आदि की संभावना बन सकती है और वह ट्रांसफर आपके मन मुताबिक हो, यह जरूरी नहीं। नीम पर करेला यह चढ़ा कि छठे भाव में बुध और शुक्र विराजमान हो गए हैं। दो शुभ ग्रहों का छठे भाव में होना उनकी शुभता को कम करने वाला है। आपको विरोधियों से बहुत सावधान रहने की जरूरत है। अपने मन की बात अपने तक ही रखें। किसी योजना को लोगों के सामने प्रकट न करें। गोपनीयता बनाए रखें। हालांकि शुक्र महीने की शुरुआत में ही राशि परिवर्तन करके सप्तम भाव में चले जाएंगे। 17 अक्टूबर को सूर्य भी छठे भाव में आ जाएंगे और उसके बाद 22 अक्टूबर को मंगल भी छठे भाव में पहुंच जाएंगे। इस तरह आपके छठे भाव की ऊर्जा बहुत जाग्रत हो जाएगी। वैसे तो छठा भाव रोग रिपु ऋण का माना जाता है, लेकिन इसे प्रतियोगिता का भाव भी माना जाता है। कुछ बुरे प्रभाव हैं इस भाव के, तो कुछ अच्छे भी हैं। छठे भाव के बली होने से आप प्रतिद्वंद्वियों पर हावी हो सकते हैं। आपके विरोधी आपके सामने टिक नहीं पाएंगे। नौकरीपेशा लोगों के काम की सराहना भी होगी। अच्छा प्रदर्शन करके अपना प्रभुत्व स्थापित करें। विरोधियों पर जीत होगी। व्यापार के लिए महीने का पूर्वार्ध ज्यादा अनुकूल रहेगा। उत्तरार्ध में कुछ समस्याएं आ सकती हैं। लेन-देन सावधानी से करें और व्यवहार में मधुरता रखें, अन्यथा विवाद की आशंका है। कोर्ट-कचहरी तक का चक्कर हो सकता है।

प्रेम / विवाह / व्यक्तिगत संबंध: प्रेम संबंधों की बात की जाए, तो जिनके प्रेम प्रसंग चल रहे हैं, उनके लिए महीने की शुरुआत कुछ कटु अनुभवों वाला हो सकती है। सूर्य और मंगल का पांचवें भाव में गोचर सहनशीलता को कम करने वाला और उग्रता को बढ़ाने वाला होगा। आप जल्दी तैश में न आएं, अन्यथा छोटी-मोटी बात से शुरू हुआ विवाद गंभीर लड़ाई-झगड़ों में बदल सकता है। टकराव संबंध विच्छेद तक की स्थिति पैदा कर सकता है। इसलिए संबंधों को संजोकर रखना है, तो आपको धैर्य बरतने की जरूरत होगी। वाणी में मिठास लाएं, अन्यथा मौन रखें। अनावश्यक एक शब्द न बोलें। आपके हर शब्द पर आपके प्रियतम की नजर रहेगी। महीने के पूर्वार्ध में जितना संभव हो, मेल-मिलाप से बचें। इसके लिए उत्तरार्ध बेहतर होगा, जब 17 अक्टूबर को सूर्य पांचवे भाव से निकलकर छठे भाव में आ जाएंगे। इससे आंशिक सुख मिलेगा। मंगल भी 22 अक्टूबर पंचव भाव से निकल जाएंगे। इसके बाद स्थितियों में तेजी से सुधार दिखेगा। प्रियतम के साथ अच्छा वक्त बिताने का मौका होगा। आपस में बैठकर बातचीत से समस्याओं को सुलझाने के प्रयासों में आपको भरपूर सफलता मिल सकती है। गिले-शिकवे दूर होंगे। प्रेम प्रगाढ़ होगा। जो लोग प्रेम संबंधों के लिए उत्सुक हैं और अपने प्रेम का इजहार करने की सोच रहे हैं, उनके लिए 22 अक्टूबर के बाद ही अच्छा समय है। अब बात शादीशुदा लोगों की। विवाहित जातकों के लिए समय चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। केतु की सप्तम भाव में स्थिति होने से पति-पत्नी के मन में एक दूसरे के प्रति गलतफहमियां और शंकाएं जन्म लेंगी। आपसी रिश्तों को लेकर असुरक्षा की भावना पैदा हो सकती है। आपकी आशंका निराधार भी हो सकती है, लेकिन केतु की प्रवृत्ति है भ्रमित करने की, सो आपको भ्रम होता रहेगा। शक का निवारण भी होगा, पर फिर से शक हो सकता है। महीने की शुरुआत में ही शुक्र गोचरवश सप्तम भाव में प्रवेश कर जाएंगे। इससे पति-पत्नी के बीच प्रेम व्यवहार में वृद्धि होगी। जीवनसाथी से दांपत्य सुख भी मिलेगा, बस आपको शक करने की प्रवृत्ति पर नियंत्रण रखना होगा। शेष सब अच्छा रहेगा।

सलाह: आप को शुक्रवार के दिन उत्तम गुणवत्ता वाला ओपल रत्न अनामिका उंगली में चांदी की अंगूठी में धारण करना चाहिए। शुक्रवार के दिन सफेद गाय को आटे की लोई अपने हाथों से खिलाएं। अपनी बहन अथवा बुआ जी को हरे रंग की कोई ड्रेस या चूड़ियां भेंट करें। शुक्र देव के बीज मंत्र का जाप करें। शनिवार के दिन चीटियों को आटा खाने के लिए डालें।

सामान्य: वृषभ राशि के जातकों के लिए यह महीना मिले-जुले देने वाला रहेगा। करियर, रोजगार के लिए समय औसत से बेहतर रहने वाला है। भाग्य से अधिक पुरुषार्थ के बल पर आपके काम बनेंगे। सामान्य पठन-पाठन में स्वास्थ्य संबंधी कारणों से विघ्न-बाधाएं आ सकती हैं, परंतु प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के भी प्रबल योग हैं। शिक्षा के लिए लंबी यात्राएं हो सकती हैं। सूर्य के छठे भाव में होने से सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे जातकों को लाभ हो सकता है। व्यापार के लिए समय मिश्रित फलवाला रहेगा। लेन-देन में सावधानी बरतनी जरूरी है। गोपनीयता भंग न होने दें। संतान के स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। प्रेम संबंधों के दृष्टिकोण से महीने का पूर्वार्ध बहुत धैर्य के साथ व्यवहार करने वाला रहेगा। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा।

वित्त: आर्थिक दृष्टिकोण से यह महीना मिला-जुलाकर अच्छा ही माना जाएगा। महीने की शुरुआत बहुत उत्साहजनक हो सकती है। सूर्य और मंगल के पंचम भाव पर प्रभाव से आर्थिक क्रियाएं उत्तम रहेंगी। काम में उत्साह बना रहेगा। आप अपने पुरुषार्थ से अपने काम पूरे कराने और आय के स्रोत बनाने में सफल रहेंगे। नवम भाव में वृहस्पति और शनि का योग होने से आर्थिक लाभ के प्रबल योग बनेंगे। विभिन्न परियोजनाओं से धन की प्राप्ति संभव है। लेकिन इस माह आय होगी, तो खर्च भी होगा। बुध और शुक्र महीने की शुरुआत में छठे भाव में होकर द्वादश यानी व्यय के भाव को देख रहे होंगे। इससे फिजूलखर्ची भी हो सकती है। दिखावे और विलासित पर खर्च की प्रवृत्ति हो सकती है, परंतु शुक्र जल्द ही राशि परिवर्तन करके सप्तम भाव में चले जाएंगे, तो विलासिता के प्रति झुकाव कुछ कम होगा। व्यापार-कारोबार के लिए समय मध्यम रहेगा। आय के स्रोत बने रहेंगे। उत्तरार्ध में काम को लेकर आलस्य हो सकता है। इससे बचें। परिश्रम से जी न चुराएं।

पारिवारिक: पारिवारिक जीवन की दृष्टि से यह महीना उतार-चढ़ाव से भरा रहने वाला है। सूर्य के पंचम भाव में होने से परिवार में स्थिरता रहेगी। आपका प्रभाव रहेगा और आप सबको साथ लेकर चल पाने में सक्षम रहेंगे। आपकी बात का प्रभाव भी रहेगा, परंतु 17 अक्टूबर को गोचरवश सूर्य पंचम भाव से निकल कर छठे भाव में प्रवेश कर जाएंगे। इससे परिवार में अचानक वाद-विवाद की कोई स्थिति खड़ी हो सकती है। प्रॉपर्टी को लेकर घर-परिवार के लोगों के साथ किसी विवाद की आशंका है। परिवार के किसी वरिष्ठ सदस्य को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं, जिसको लेकर कुछ चिंता हो सकती है। छोटे भाई-बहनों का साथ मिलने से आपको कुछ राहत रहेगी। परिवार के किसी सदस्य से लंबे समय बाद भेंट-मुलाकात हो सकती है। पुराने दोस्तों से मुलाकात हो सकती है। दोस्तों के कारण कुछ लाभ हो सकता है। संतान के लिए समय कुछ परेशानी वाला है, इसलिए संतान को लेकर बहुत सावधान रहने की जरूरत है। यदि संतान को पहले से स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी है, तो थोड़ा सतर्क रहें। खासतौर से महीने के पूर्वार्ध में आपको विशेष सावधानी की जरूरत होगी। उत्तरार्ध अपेक्षाकृत बेहतर रहेगा। समस्याओं में कमी आने लगेगी। मित्रों-बंधुजनों के सहयोग से समस्याओं का समाधान दिखना शुरू हो सकता है। कुटुंबजनों के सहयोग से आत्मबल बढ़ेगा। धैर्य बनाए रखें।