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Mithun Masik Rashifal in Hindi - Mithun Horoscope in Hindi - मिथुन मासिक राशिफल

Gemini Rashifal

स्वास्थ्य: स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से यह महीना कुछ सावधान रहने के संकेत कर रहा है। आप इस महीने स्वास्थ्य को लेकर जरा-सी भी लापरवाही बरतने की स्थिति में नहीं है। थोड़ी-बहुत लापरवाही भी आपके लिए परेशानी का कारण बन जाएगी। अष्टम भाव में शनि और वृहस्पति दोनों ही बैठे हैं। यह लंबे समय तक चलने वाली बीमारियों की स्थिति भी कही जाती है। राशि स्वामी बुध भी वक्री होकर 2 अक्टूबर से चतुर्थ भाव में चले जाएंगे, जहां मंगल और सूर्य पहले से ही उपस्थित होंगे। उस पर अष्टम भाव में बैठे वृहस्पति की दृष्टि भी होगी। यह सारी स्थितियां फेफड़ों या छाती से संबंधित रोगों की तरफ इशारा करती हैं। आपको सावधान रहने की जरूरत है। यदि जरूरी न हो तो यात्राएं टाल दें। श्वास संबंधी रोगों से पीड़ित व्यक्तियों के लिए विशेष सतर्कता का समय है। सूर्य और मंगल का गोचर पंचम भाव में होने से सेहत में हल्के सुधार की उम्मीद भी बनेगी, लेकिन मंगल वहां से गुरु को चतुर्थ दृष्टि दे रहे होंगे। वृहस्पति के और पीड़ित हो जाने से आपको पेट संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। खानपान को लेकर बहुत अधिक सावधान रहें। लीवर रोग से पीड़ित लोगों को पानी का विशेष ध्यान रखना होगा।

कैरियर: कामकाज करियर के लिए अक्टूबर का महीना उतार-चढ़ाव से भरा रहेगा। शनि आपकी राशि से अष्टम भाव में विराजमान हैं और दशम भाव पर अपनी तीसरी दृष्टि दे रहे हैं। इसके कारण बहुत अधिक मेहनत के बावजूद अपेक्षित सफलता में बाधाएं आ सकती हैं। आपको हिम्मत नहीं हारनी है। शनि परिश्रम कराते हैं। उन्हें इमानदारी के साथ काम करने वाले जातक पसंद हैं। अपने काम के प्रति ईमानदारी बनाए रखें तो शनि का भरपूर साथ मिलेगा। काम करते रहें, सफलता अवश्य मिलेगी। शनि के कारण जो बाधाएं हैं, आलस्य है, उसे दूर करने में मंगल और सूर्य की दशम भाव पर दृष्टि आपके लिए बहुत लाभदायक रहेगी। आपकी कार्यकुशलता बढ़ेगी। अपने पुरुषार्थ से आप काम सफल करेंगे। व्यापार करने वाले लोगों के लिए यह अच्छा समय है। धन निवेश करने का भी सही समय है। निवेश से भविष्य में दीर्घकालीन लाभ की उम्मीद कर सकते हैं। शासन-सत्ता के सहयोग से कुछ कार्य बनेंगे। सरकारी नौकरी करने वाले जातकों के लिए समय कुछ अनुकूल परिणाम या अच्छी सूचनाएं देने वाला हो सकता है। मनचाहे ट्रांसफर-पोस्टिंग की संभावना बन सकती है।

प्रेम / विवाह / व्यक्तिगत संबंध: अक्टूबर का महीना प्रेम के लिए खट्टे-मीठे अनुभव लेकर आने वाला है। शुरुआत तो मीठी ही होगी। जिनके प्रेम संबंध चल रहे हैं, उनके लिए महीने की शुरुआत बहुत अच्छी रहने वाली है। शुक्र और बुध दोनों पंचम भाव में होंगे। इससे अपने प्रियतम से नजदीकियां बढ़ेगी। साथ-साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। पर शुक्र पहले सप्ताह में ही राशि परिवर्तन भी करने वाले हैं और उत्तरार्ध में पहले सूर्य और फिर मंगल भी प्रवेश करने वाले हैं पंचम भाव में। इसलिए पूर्वार्ध की मिठास को व्यर्थ न जाने दें। आप अपने प्रियतम के साथ बेहतर संवाद कायम करके उसे प्रभावित करने में समर्थ होंगे। आपसी सामंजस्य बना रहेगा। सहयोग की भावना भी रहेगी। 17 अक्टूबर को सूर्य का गोचर पंचम में होने से आपके स्वभाव में थोड़ी तल्खी और थोड़ा हावी होने की प्रवृत्ति आ सकती है, इससे रिश्ते में थोड़ा तनाव हो सकता है। जो संवाद पूर्वार्ध में आपके लिए ताकत बना था, उसमें मिठास घटने से साथी के लिए असहजता की स्थिति पैदा होने लगेगी। फिर महीने के आखिरी सप्ताह में मंगल के भी पंचम में आ जाने से झगड़े की स्थिति बन सकती है। इसलिए धैर्य से काम लें। संवाद आपकी ताकत है। इसका इस्तेमाल करें और व्यवहार को मधुर बनाए रखें, तो सारी अनबन आसानी से दूर हो सकती है। अब बात शादीशुदा लोगों की। विवाहित जातकों को ससुराल पक्ष के लोगों के साथ थोड़ा तालमेल बढ़ाने के प्रयास करने चाहिए। कोई पूर्वाग्रह रखना ठीक नहीं है। रिश्तों में मधुरता लाने का प्रयास करें, यह आपके लिए लाभदायक होने वाला है। वृहस्पति और शनि के अष्टम भाव में होने से ससुराल का सहयोग और समर्थन मिल सकता है। जीवनसाथी से कोई आर्थिक लाभ हो सकता है। इससे पति-पत्नी के बीच तालमेल बढ़ेगा। मन प्रसन्न रहेगा। महीने के अंत तक पति-पत्नी के बीच संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। घूमने-फिरने की योजना बन सकती है।

सलाह: बुधवार के दिन से शुरू करके प्रतिदिन बुध देव के बीज मंत्र का जाप करें। बुधवार के दिन माता को हरा पालक और हरी सब्जियां खिलाएं। उत्तम गुणवत्ता वाला पन्ना रत्न कनिष्ठिका उंगली में बुधवार के दिन धारण करना उत्तम रहेगा। आपको शुक्रवार के दिन मंदिर जाकर लाल पोस्ट माता को चढ़ाने चाहिएं। शनिवार के दिन पीपल वृक्ष के नीचे सायं काल में सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

सामान्य: यह महीना आपके लिए औसत से बेहतर कहा जा सकता है। रोजी-रोजगार, काम धंधे को लेकर स्थिति औसत या उससे बेहतर हो सकती है। शिक्षा के लिए तो समय विशेष सफलतादायक रहने वाला है। इस महीने आपकी आर्थिक समस्याओं का समाधान हो सकता है। सिर से पुराने कर्ज उतर सकते है, धनागमन मन को प्रसन्न करने वाला रहेगा। स्वास्थ्य की वजह से कुछ खर्चा हो सकता है, पर साथ ही आपका बैंक बैलेंस भी बनेगा। पारिवारिक जीवन के लिहाज से समय मिश्रित फलवाला रहेगा। प्रेम संबंधों के लिए भी समय खट्टे-मीठे अनुभवों से भरा रहेगा। आपको संतुलन स्थापित करने की जरूरत होगी। दांपत्य जीवन मधुर रहेगा। संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। अगर जरूरी न हो, तो इस महीने यात्राओं से परहेज करें। खानपान का विशेष ध्यान रखें।

वित्त: आर्थिक दृष्टिकोण से बात करें तो अक्टूबर का महीना आपके लिए कुल मिलाकर आनंददायी रहने वाला कहा जा सकता है। आय की दृष्टि से महीने की शुरुआत उत्तम होगी। धनागमन होता रहेगा। आय के भाव एकादश पर मंगल और बुध की दृष्टि है। शनि और वृहस्पति की दृष्टि धन के भाव यानी दूसरे भाव पर है। इससे आय के नए स्रोत तो बनेंगे ही, पुराने स्रोतों से भी धनागमन होता रहेगा। मित्रों-परिजनों के सहयोग से भी आय का कोई अवसर मिल सकता है। आपके धन में वृद्धि होगी। यानी आय के साथ-साथ बचत करने में भी सक्षम होंगे। बैंक बैलेंस बनने के योग हैं। 22 अक्टूबर को मंगल गोचरवश पंचम भाव में पहुंच जाएंगे। यदि आपने कोई ऋण लिया हो, तो मंगल के इस गोचर के प्रभाव से उससे उबरने का अवसर मिलेगा। बैंकों के लोन उतारने का अच्छा समय है। पुराने कर्ज से मुक्ति मिल सकती है। व्यापार में यदि निवेश की योजना बना रहे थे, तो समझिए कि उसके लिए यह उत्तम समय है। धन के निवेश से अच्छे परिणाम की प्राप्ति होगी। मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास बना रहेगा। नौकरीपेशा लोगों को कुछ बोनस आदि मिल सकता है।

पारिवारिक: पारिवारिक जीवन के सुखों के दृष्टिकोण से समय मिला-जुला रहेगा। चतुर्थ भाव में मंगल और सूर्य के स्थित होने से परिवार में किसी बात पर बेवजह की गरमागरमी हो सकती है। किसी बात पर वाद-विवाद हो सकता है। इससे बचने के लिए आपको अपने स्वभाव में मधुरता लाने की जरूरत होगी। माता जी के स्वास्थ्य को लेकर कुछ परेशानी अचानक आ खड़ी हो सकती है। यदि उन्हें पहले से कोई बीमारी है, तो विशेष सतर्क रहें। अष्टम में बैठे शनि और वृहस्पति की दूसरे भाव पर सीधी दृष्टि है। इससे कुटुंब के लोगों का थोड़ा सहयोग मिलेगा। स्थितियों को बिगड़ने से बचाने के लिए कोई न कोई पहल कर सकता है। आपको भी ऐसा प्रयास करना होगा। उत्तरार्ध में सूर्य के पंचम में जाने से स्थिति में कुछ सुधार होगा। प्रॉपर्टी संबंधित विवादों का निपटारा होगा। आखिरी सप्ताह में मंगल भी गोचरवश पंचम भाव में पहुंच जाएंगे। इससे पारिवारिक जीवन में शांति और सुकून का समय लौटेगा। छोटे भाई-बहनों से प्रेम मिलेगा। उनका सहयोग मिलने से मन को राहत होगी। सुख की प्राप्ति होगी। संतान के स्वास्थ्य को लेकर थोड़ा सचेत रहें। वैसे संतान पक्ष से कोई अच्छी खबर भी मिल सकती है। संतान की सफलता से मन प्रसन्न रहेगा, पर उसकी सेहत का ध्यान रखना होगा। विशेष रूप से महीने के उत्तरार्ध में ध्यान देने की जरूरत होगी।